सरी पंचांग: बुधवार, 4 नवंबर 2026
सरी, ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा
बुधवार, 4 नवंबर 2026 का पंचांग
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- रात 10:06 तक, फिर कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी
- दोपहर 3:00 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी
- सूर्योदय
- सुबह 8:04
- सूर्यास्त
- शाम 5:45
- राहु काल
- दोपहर 12:55 से 2:07
बुधवार, 4 नवंबर 2026 का पंचांग
| तिथि | एकादशीरात 10:06 तक, फिर द्वादशी |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्व फाल्गुनीदोपहर 3:00 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी |
| योग | इन्द्रशाम 5:57 तक, फिर वैधृति |
| करण | बवसुबह 10:17 तक, फिर बालव |
| वार | बुधवार |
| सूर्योदय · सूर्यास्त | सुबह 8:04 · शाम 5:45 |
| चंद्रोदय | सुबह 4:15, गुरु, 5 नव॰ |
| विक्रम संवत् | 2083 · कृष्ण कार्तिक (अमांत गणना में आश्विन) |
AstroTathya की गणना प्रणाली द्वारा उच्च-परिशुद्धि खगोलीय गणना, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश, सरी (49.1913° उ, -122.849° पू) के लिए, उत्तरी अमेरिकी प्रशांत समय में। समाप्ति-समय स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। 21 अक्टूबर 2026, 03:21 पर बना।
मुहूर्त
सूर्योदय सुबह 8:04सूर्यास्त शाम 5:45
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्तसुबह 6:09 – सुबह 7:07
- अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले)सुबह 6:28
- मध्याह्नसुबह 11:56 – दोपहर 1:53
- अपराह्नदोपहर 1:53 – दोपहर 3:49
- प्रदोषशाम 5:45 – रात 8:37
- निशीथरात 12:31 – रात 1:19
- अभिजित मुहूर्त · बुधवार को नहीं माना जाता—
अशुभ समय
- राहु कालदोपहर 12:55 – दोपहर 2:07
- यमगण्डसुबह 9:17 – सुबह 10:29
- गुलिक कालसुबह 11:42 – दोपहर 12:55
- भद्रा / विष्टि—
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एक ही तिथि और नक्षत्र हर जन्म कुंडली पर अलग असर डालते हैं: आपकी वर्तमान दशा और आपके भावों में चंद्रमा का गोचर तय करते हैं कि आज आपके लिए क्या अनुकूल है।